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Tuesday, 17 October 2017

Diwali Kyo Manate Hain?? Full Jankari -

Diwali Kyo Manate Hain?? Full Jankari -

दीपावली पर निबंध और महत्व – जानिये क्यों मनाते है हिन्दुओं का मुख्य और प्रिय त्यौहार दिवाली!


दीपावली पर निबंध – हेलो दोस्तों मै असफाक अली आपका www.hindihelpsguru.com पर तहे दिल से स्वागत करता हूँ|
आज मै आपके साथ हिन्दुओं का मुख्य और प्रिय त्यौहार दीपावली के बारे में कुछ खास चर्चा करने जा रहा हूँ| तो चलिए शुरू करते हैं.
सबसे पहले जानते हैं की आपको इस लेख में क्या-क्या जानने को मिलेगा|
1.दीपावली शब्द के 4 अलग-अलग अर्थ|
2.महत्वपूर्ण बाते दीपावली के त्यौहार के बारे में|
3.दीपावली कबसे, कैसे और क्यों मनाते हैं?
4.आज के समय में दीपावली के त्यौहार को कैसे मनाया जाता है?
5.दीपावली हिन्दुयो के लिए खास त्यौहार क्यों है?
6.सिक्खों के लिए दीपावली खास त्यौहार क्यों है ?

दीपावली पर निबंध – Essay on Diwali in hindi language


दीपावली और दिवाली दोनों एक ही शब्द है, आइये सबसे पहले हम इसका अर्थ जानते हैं| दिवाली शब्द संस्कृत भाषा के दो शब्दों के मेल से बना एक शब्द है-
दीप का अर्थ है दिया
आवली का अर्थ है पंक्ति या फिर अंग्रेजी में इसे लाइन भी बोलते हैं|
यानी की हम बोल सकते हैं दीपावली का अर्थ है दिया एक पंक्ति में|
आज कल सभी विद्यालय में प्रार्थना के वक़्त इन पंक्तियों का उचारण किया जाता है-
असतो मा सदगमय ॥
तमसो मा ज्योतिर्गमय ॥
इन शब्दों का अर्थ है –
(हमको) असत्य से सत्य की ओर ले चलो।
अंधकार से प्रकाश की ओर ले चलो|

दिवाली, दीपावली पर्व का महत्व


जानिये कुछ महत्वपूर्ण बाते दीपावली यानी की “रौशनी का त्यौहार दिवाली” के बारे में-
जिस तरह से ईसाई धर्म के लोगो के लिए क्रिसमस, मुस्लिम धर्म के लोगो के लिए ईद और सिख धर्म के लोगो के लिए बैसाखी बहुत मुख्य त्यौहार है ठीक उसी प्रकार हिन्दुओ के लिए दीपावली बहुत मुख्य त्यौहार है.
1.हिंदी कैलेंडर के हिसाब से कार्तिक मास के अमावस की रात को दिवाली का त्यौहार मनाया जाता है|
2.हिन्दुओं के प्रमुख त्योहारों में से एक है|
3.यह त्योहार आध्यात्मिक रूप से अंधकार पर प्रकाश की विजय को दर्शाता है|
4.अंग्रेजी कैलेंडर के हिसाब से यह अक्टूबर या नवम्बर माह में मनाया जाता है|
5.दीपावली को दीपोत्सव यानी की दीपो का उत्सव भी कहते हैं|
आइये जानते हैं भारतवर्ष में सबसे ज्यादा धूम धाम से मनाये जाने वाले त्यौहार दीपावली का महत्व–
दीपावली के त्यौहार का सामाजिक और धार्मिक दोनों दृष्टि से अत्यधिक महत्त्व है| “तमसो मा ज्योतिर्गमय” अर्थात अंधकार से प्रकाश की ओर ले चलो – दीपावली का त्यौहार इस वाक्य को बिलकुल सही सिद्ध करता है.

दीपावली क्यों मनाते हैं? दीपावली पर निबंध और कहानी (रामायण कथा)

महर्षि वाल्मीकि द्वारा लिखी रामायण में बताया गया है की – भगवन विष्णु के 10 अवतारों में से सातवे अवतार श्री राम चन्द्र जी का है|
अयोध्या के राजा श्री दशरथ प्रसाद जी के भगवान श्रीराम सबसे बड़े पुत्र थे| माता केकई के कहने पर पिता दशरथ ने अपने जान से प्यारे सुपुत्र
को 14 वर्ष के वनवास की सजा सुना दी.
पिता की आज्ञा का पालन करते हुए भगवन राम वनवास के लिए चले गये अपनी पत्नी सीता मैया और अपने भाई लक्षम के साथ|
13 वर्ष 2 माह का वनवास समाप्त होने के बाद पत्नी सीता जी का रावन ने हरण कर उनको अपने देश लंका के अशोक वाटिका में पहुचा दिया|
अत्यधिक परिश्रम के बाद भगवन श्री राम और उनके भाई लक्ष्मण जी हनुमान संग बन्दर टोली की मदद से लंका पहुचे|
10 दिन के महायुद्ध के बाद भगवन श्री राम ने रावन पर विजय प्राप्त कर लिया और साथ ही उनका 14 वर्ष का वनवास की अवधि भी समाप्त हो गई.
जब भगवान श्री राम, पत्नी सीता मैया और भाई लक्ष्मण के साथ रावन से युद्ध जीत कर अपने देश अयोध्या लौटे तो उस रात अमावास की रात थी.
अयोध्या वासियों को पता था की आज उनके राजा भगवान श्री राम अपना वनवास काट कर अपने देश लौट रहे हैं|
सभी अयोध्या वासियों ने दिमाग लगाया की वो अपने राजा का स्वागत कैसे करेंगे?
तभी उन्होंने पुरे अयोध्या राज्य की साफ़ सफाई कर, घी के दिए जला कर उनका स्वागत किया| कार्तिक मास की सघन काली अमावस्या की वह रात्रि दीयों की रोशनी से जगमगा उठी.
उसी दिन से कार्तिक माह के अमावास को सभी हिन्दू अपने अपने घरो एव दुकान की साफ़ सफाई करते हैं और रात में दिया जलाते हैं, नए कपडे पेहेनते हैं, अपने दोस्तों और पड़ोसियों के साथ मिठाई बाट कर त्यौहार मनाते हैं.
भारतीय प्रति वर्ष यह प्रकाश-पर्व हर्ष व उल्लास से मनाते हैं।

आज के समय में दीपावली के त्यौहार को कैसे मनाया जाता है?

दीपावली विशेष रूप से स्वच्छता और प्रकाश का पर्व है। आज कल तो कई सप्ताह पूर्व ही दीपावली की तैयारियाँ शुरू हो जाती हैं| सब अपने-अपने घरों, दुकानों आदि की साफ़ सफाई का कार्य आरंभ कर देते हैं.
दीपावली के उत्सव पर लोग अपने घरों की मरम्मत, सफ़ेदी आदि का कार्य करवाते हैं|
1.आज कल दिया के साथ-साथ लोग अपने घरो और दुकानों को लडियो से दुल्हन के रूप में सजाते हैं|
2.बच्चे पटाखे और फूलझड़ी जला कर दीपावली का त्यौहार मनाते हैं|
3.कुछ लोग अपने घरो के बाहर रंगोली भी बनाते हैं|
4.लोग इस दिन माता लक्ष्मी जी की विशेष पूजा करते हैं|
5.तरह – तरह के लोग पकवान भी खाते और खिलाते हैं|
6.दीपावली की विशेष कर हर स्कूल, कॉलेज और ऑफिस में छुट्टी दी जाती है|
7.दिवाली पर विशेष कर अब बोनस भी मिलता है, जिससे हर इन्सान मिठाई और पटाके खरीद सके|
8.दिवाली के उपलक्ष में काफी दुकानों पर तरह-तरह के ब्रांड पर ऑफर्स भी निकले जाते हैं|
9.घर के दुआर पर और मंदिर के पास माता लक्ष्मी के चरण के मोहर लगाते हैं|
ये थे कुछ तरीके जिस वजह के आज कल के लोग

दीपावली हिन्दुयो के लिए खास त्यौहार क्यों है? – Why we celebrate Diwali Festival in hindi



1.पहली ख़ास वजह ⇒ माना जाता है की हिंदी कैलेंडर के हिसाब से दिवाली के दिन से नया वर्ष शुरू होता है|
2.दूसरी खास वजह ⇒ माना जाता है की इस दिन माता लक्ष्मी जी सभी कर घर एक बार ज़रूर आती है और जिनका घर उनको भाता है उस घर में धन की वर्षा होती है|
भारत में दिवाली सीजन का मतलब शोपिंग सीजन है| इन दिनों गाडियों, इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स और सोने की चीजों पर विशेष छूट दी जाती है इसलिए लोग खुल कर खर्च करते हैं.
अपने रिश्तेदारों और दोस्तों के साथ उपहार का आदान प्रदान भी करते हैं|
दीपावली एक ऐसा त्यौहार है जिस दिन सभी लोग आपस के गिले शिकवे दूर कर के एक साथ मिल के सभी चीजों को भुला के त्यौहार का मनोरंजन उठाते हैं.
त्यौहार के बहाने की घर की लडकिया और औरतो की खूब सारी शोपिंग हो जाती हैं|

सिक्खों के लिए दीपावली खास त्यौहार क्यों है ?


सिक्खों के लिए दीवाली भी महत्त्वपूर्ण त्योहारों में से एक है क्योंकि इसी दिन ही अमृतसर में 1577 में स्वर्ण मन्दिर का शिलान्यास हुआ था|
इसके अलावा सिक्खों के लिए दिवाली की खास वजह एक यह भी है की – 1619 में दीवाली के दिन सिक्खों के छठे गुरु हरगोबिन्द सिंह जी को जेल से रिहा किया गया था.
दोस्तों दीपावली को विभिन्न ऐतिहासिक घटनाओं, कहानियों या मिथकों को चिह्नित करने के लिए हिंदू, जैन और सिखों द्वारा मनायी जाती है लेकिन वे सब:-
*बुराई पर अच्छाई,
*अंधकार पर प्रकाश,
*अज्ञान पर ज्ञान और
*निराशा पर आशा की विजय के दर्शाते हैं|

आज का मेरा यह लेख यही समाप्त होता है| आशा है इस लेख में आपके सभी प्रश्नों के उत्तर मिल गये होंगे| अगर आपको आपके स्कूल में गृहकार्य मिला हो जैसे की दीपावली पर निबंध (Diwali Essay in Hindi) तो आप इसमें से कुछ विशेष चीजों को छाट कर लिख सकते है.

यह सभी जानकारी पसंद आने पर इसको लेख को फेसबुक, ट्विटर, गूगल+ अथवा व्हाट्सएप्प पर शेयर करना ना भूले और कमेंट के माध्यम से अपने विचार हमारे साथ प्रकट जरुर करें| आप सभी को असफाक अली  की ओर से दिवाली की ढेर सारी बधाई| 🙂

True caller kya hai ye kaise kaam karta hai ?

True caller kya hai ye kaise kaam karta hai ?

true caller क्या है true caller ये कैसे काम करता है true caller की पूरी जानकारी हिंदी मैं 


 आपके पास फ़ोन तो होगा ही और उसमे कॉल भी आते होंगे, कुछ आपके पहचाहन के लोग भी होंगे जिनका मोबाइल नंबर आपके पास सेव भी रहता होगा, और कुछ ऐसे भी नंबर होते होंगे जिनको आप जानते नहीं हो ऐसे वक़्त पर हमें सिर्फ एक ऐसा ही अप्प true caller ही काम आता है जो हमें नई नंबर की जानकारी देता है की किसके नंबर से कॉल आ रहा है. 

फ़ोन मैं  जरुरी अप्प मैं से एक ऐसा भी अप्प है जो हमें unhown नंबर की जानकारी provide करवाता हो 
अगर आप ये जानना चाहते की true caller app क्या हैं और ये कैसे काम करता है तो आप बहुत ही अछि साइट पर आये है कोई मई आपको यहाँ true caller की पूरी जानकारी दूंगा 
सबसे पहले हम जान लेते हैं true caller क्या हैं ???

true caller क्या है?

true caller एक तरह की सर्विस कह सकते है, जो किसी भी नंबर की detaies देता है की ये नंबर कोण use कर रहा है इसकी मोबाइल एप्लीकेशन भी है और वेबसाइट भी जिससे हम किसी भी person  का नंबर चेक कर सकते हैं। 
true caller का जो डाटा बेस है उसमे 3,000,000,000+ की डिटेल्स हैं जिनको हम सर्च कर सकते हैं। 
जैसे आपको कोई कॉल करता है और अगर आपके मोबाइल मैं true caller app install है तो यहाँ पर आपको true caller की मदद से आपके मोबाइल मैं शो होने लगता हैं की आपको कॉल कोण कर रहा है 
*अगर अपने ये अप्प अभी तक इनस्टॉल नहीं किया तो जल्दी ही इन्टॉल कर ले

https://www.truecaller.com/truecaller

तो हमें तो ये जान लिया है की ये true caller  है क्या अब हम जानते है की ये कैसे का करता है? और कैसे ये  डिटेल्स कैसे प्रोवाइड करता हैं??

true caller  काम कैसे करता हैं? इसकी पूरी जानकारी 

अगर अपने true caller  यूज़ किया है तो आपके मन मैं ये जरूर आता होगा की ये इतनी सारी जानकारी कहा से लाता है और ये काम कैसे करता हैं ?
true caller  का काम करने का तरीका बहुत ही जयदा simple हैं वो किसी भी नंबर की जानकारी बताने के लिए अपने डेटाबेस मैं सर्च करता है और जैसे मैंने पहले ही बताया है की true caller  के डाटा बेस मैं 300+ करोड़ नंबर की जानकारी उसके पास पहले से ही है 

true caller  जो नंबर की जानकारी है उसके कुछ source है जिससे उसको ये पता चलता है की कौन कोनसा नंबर यूज करता है 

१. सोशल मीडिया - true caller नंबर को सोशल मीडिया पर सर्च करता है जैसे फेसबुक ट्विटर, अगर उस नंबर से कोई अकाउंट बना हुआ है तो true caller  आपको बता देता है की  है 
२. true caller अप्प - जो लोग true caller  को उसे करते है उसमे अकाउंट बनाते है तो उसके नाम से जो डिटेल्स भरते है वो आपके सामने आ जाता है. 
३. contact बुक - true caller  अप्प यूज़ करने वालो के मोबाइल मै जो नंबर होते है उनको बह सेव कर लेता हैं जैसे मैं अपने पापा का नंबर papa नाम से सेव किया है तो true caller  भी मेरे पापा का नंबर papa नाम से शो होता है 
४. डायरेक्ट submit- true caller  मैं डायरेक्ट किसी का भी नंबर submit  कर सकते है और उसका नाम suggest कर सकते है 
तो अब आपको ये तो पता चल गया की ये true caller  नंबर को लता कहा से है तो अब आगे से ये न सोचे की अगर आप किसी को नंबर सेव नई है तो आप उसे परेशान नही कर सकते 
सबसे important बात -  true caller  का किसी भी टेलीकॉम कंपनी से कोई संपर्क नहीं है तो अब ये बिल्कुल  न सोचे की जो नंबर आप देख रहे हो वो  उसी के नाम से रजिस्टर्ड हो    सकता है की वो नंबर उसमे अपने किसी दोस्त रिश्तेदार के डॉक्यूमेंट से ली हो 
तो अब आपको ये तो पता चल गया की ये  true caller ये  जानकारी लता कहा से है ओर आपको ये भी  पता चल गया होगा  की उसमे जो जानकारी होती है वो 100% सही नहीं भी हो सकती 

 true caller मै गलत जानकारी बताने के कारण 

1.    true caller अप्प मै अगर गलत नाम से रजिस्टर करे तो ये गलत जानकारी देता हैं.
2 . जैसे मैंने पहले ही  बताया है की अगर आपका कोई दोस्त आपका नंबर कुछ नाम से सेव किये है तो  true callerभी उसी नाम से भी बता सकता है जैसे मैंने papa वाला exmaple दिया हैं  
True caller की शुरुआत मैं मैं पहले इतना ज्यादा डेटाबेस नही रहता था मगर अब उसमे इतना ज्यादा डेटा बेस हो गया है कि अब उसमें नंबर सर्च करने पर 90% जानकारी सही ही बताता है।
true caller मैं की वजह से आज हमारे नंबर की जानकारी की बहुत ही कम secuity हो गई हैं। 
अब आपको ये तो पता चल ही गया होगा कि आज के समय मैं true caller बहुत ही ज्यादा आगे हो गया है 
तो अब अगर हमें हमारे नंबर को true caller से डिलीट करवाना है तो उसके लिए हमे इसमे से मोबाइल नंबर अनलिस्ट करना है
https://www.truecaller.com/unlisting
 *ओर अगर आपको true caller मैं से remove करना है तो सबसे पहले अपको true callर से नंबर deactive करना पड़ेगा।

True callerdeactive कैसे करे ?
१. अपने मोबाइल मैं सबसे पहले true कॉलर ओपन कीजिए।
२. ऊपर लेफ्ट corner मैं 3 बिंदु दिखाई देंगी उसमे क्लिक करे।
३. सेटिंग मैं जाए ।
४. About मैं क्लिक कीजिए।
५. deactive पर क्लिक कीजिए। 

Procees for i phone?

1. अपने iphone मोबाइल मैं true कॉलर को ओपन कीजिये। 
2. अब साइड बार मैं ३ गियर कार्नर होगा उसमे क्लिक कीजिए।नीचे scrool कीजिये।
4. अब deactive caller पर क्लिक कीजिए।

At last- 

दोस्तो अब आप ये तो समझ गए होंगे कि ये true कॉलर क्या है ये कैसे काम करता है और इसके पास इतना सारा डेटाबेस कहा से आया  true कॉलर की मदद से आप किसी भी नंबर की detailes देख सकते है। और true caller मैं से अपना नंबर कैसे remove कर सकते हैं।


मुझे उम्मीद है कि आपको ये true कॉलर की जानकारी आप सबको पसनद आयी होगी आप अपने दोस्तो के साथ भी हमारी website शेयर कीजिये


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Sunday, 15 October 2017

Abdul Kalam Ki Success Story

Abdul Kalam Ki Success Story

Dr. A.P.J. Abdul Kalam Biography in Hindi 

मारे देश के ग्यारहवें राष्ट्रपति, एक ख्याति प्राप्त कुशल वैज्ञानिक, लेखक तथा युवा पीढ़ी के पथ प्रदर्शक, जी हाँ हम बात कर रहे हैं स्वर्गीय श्री ए. पी. जे. अब्दुल कलाम जी (A.P.J. Abdul Kalam) की, जो न जाने कितने ही लोगों के लिए प्रेरणा (Inspiration) बन गए |
ये एक उच्च विचारों वाले व्यक्ति थे जिन्होंने तमिलनाडु के छोटे से गाँव में जन्म लिया था | अपनी कड़ी तपस्या और उच्च सिद्धांतों के कारण ही वे इस मुकाम तक पहुंचे |
भारत के हर घर में उनका नाम बहुत ही सम्मान के साथ लिया जाता है, यहाँ का हर विद्यार्थी उनको अपना आदर्श (Idol) स्वरूप मानता है | इनके कई कथनों ने युवाओं को एक नई दिशा प्रदान की |
कलाम साहब की पुण्य तिथि (27 जुलाई 2015) भी आने को ही है तो आज हम उनके स्मरण में आपको उनके जीवन की विस्तृत जानकारी देंगे या यूँ कह लीजिये की हम आपको  ए. पी. जे. अब्दुल कलाम की जीवनी (Dr. A.P.J. Abdul Kalam Biography in Hindi) के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे |
हम आपको इस लेख द्वारा बताएँगे कि कैसे उन्होंने एक छोटे से गाँव से लेकर राष्ट्रपति बनने का अद्भुत सफ़र तय किया |

A.P.J. Abdul Kalam Autobiography in Hindi

A.P.J. Abdul Kalam का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को तमिलनाडु के छोटे से गाँव में हुआ, जिसका नाम धनुषकोडी है | इस गाँव में वे अपने संयुक्त परिवार के साथ रहते थे | उनके परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी | उनके पिता मछुआरों को नाव किराए पर देते थे तथा उनकी माता गृहिणी थीं |
A.P.J. Abdul Kalam साहब ने अपनी शिक्षा का आरम्भ रामेश्वरम के एक प्राथमिक विद्यालय से किया | कलाम साहब ने अपनी पढ़ाई पूरी करने व् घर की आर्थिक सहायता हेतु अख़बार बेचने का कार्य आरम्भ किया |
A.P.J. Abdul Kalam ने बारहवीं रामनाथपुरम में स्थित स्च्वार्त्ज़ मैट्रिकुलेशन स्कूल (Schwartz Higher Secondary School) में सम्पन्न की | तत्पश्चात उन्होंने स्नातक की उपाधि  (Bachelor Degree) प्राप्त करने हेतु सैंट जोसफ कॉलेज (St. Joseph College) में दाखिला लिया जो तिरुचिराप्पल्ली में स्थित है | किन्तु यहाँ उनकी शिक्षा का अंत नहीं हुआ, उन्हें पढने व् सीखने का बहुत शौक था | वह आगे की पढ़ाई हेतु 1955 में मद्रास जा पहुंचे जहां से उन्होंने 1958 में अंतरिक्ष विज्ञान में स्नातक की उपाधि प्राप्त की |
उनका सपना था कि वह भारतीय वायु सेना में फाइटर प्लेन के चालक यानि पायलट (Pilot) बन सकें, परन्तु यह पूर्ण न हो पाया, पर फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी |
इसके पश्चात उन्होंने भारतीय रक्षा अनुसंधान एवं विकास संस्थान (DRDO) में प्रवेश किया जहां उन्होंने हावरक्राफ्ट परियोजना का सफल संचालन किया | परन्तु DRDO में अपने कार्यों से संतुष्ट न होने के कारण उन्होंने इसे छोड़ दिया |
इसके पश्चात उन्होंने 1962 में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) में प्रवेश किया |
इसरो (ISRO) में A.P.J. Abdul Kalam ने कई परियोजनाओं का सफलतापूर्वक संचालन किया, जिनमें से सबसे महत्वपूर्ण था उनके द्वारा भारत के पहले उपग्रह “पृथ्वी” जिसे SLV3 भी कहा जा सकता है, का पृथ्वी की कक्षा के निकट स्थापित किया जाना |
इस कार्य को Dr. A.P.J. Abdul Kalam ने 1980 में बहुत ही मेहनत तथा लगन के साथ संपन्न किया | उनकी इसी सफलता के बाद भारत भी अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष क्लब का सदस्य बन पाया | इस दौर में वह इसरो (ISRO) में भारत के उपग्रह प्रक्षेपण यान परियोजना के निदेशक के पद पर नियुक्त थे |
इसरो के कार्यकाल के दौरान ही उन्होंने और भी उपलब्धियां हासिल कीं जैसे – नासा की यात्रा, प्रसिद्ध वैज्ञानिक राजा रमन्ना के साथ मिलकर भारत का पहला परमाणु परीक्षण, गाइडेड मिसाइल्स को डिज़ाइन करना |
इन सबके पश्चात A.P.J. Abdul Kalam एक सफल तथा ख्याति प्राप्त वैज्ञानिक (Scientist) बन चुके थे | 1981 में उन्हें भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण से सम्मानित किया गया | 1982 में वह पुन: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के निदेशक के रूप में विद्यमान हुए | अब उन्होंने स्वदेशी लक्ष्य भेदी नियंत्रित प्रक्षेपास्त्र (गाइडेड मिसाइल्स) की तरफ अपना ध्यान केन्द्रित किया |
Dr. A.P.J. Abdul Kalam को 1990 में फिर पद्म विभूषण से नवाज़ा गया | तत्पश्चात वे 1992 से लेकर 1999 तक के कार्यकाल में रक्षा मंत्री के विज्ञान सलाहकार के पद पर नियुक्त रहे, साथ ही वह सुरक्षा शोध और विकास विभाग के सचिव भी थे |
1997 में उनका भारत के प्रति योगदान देखते हुए उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया | उन्हीं के नेतृत्व में 1998 में भारत ने अपना दूसरा सफल परमाणु परीक्षण किया | कलाम साहब की ही देन है कि भारत आज परमाणु हथियार के निर्माण में सफल हो पाया है | इस दौर में वह भारत के सबसे प्रसिद्ध एवं सफल परमाणु वैज्ञानिक (Nuclear Scientist) थे |

2002 में उनके प्रति भारत की जनता में सम्मान देखते हुए, जीवन की उपलब्धियों तथा भारत के प्रति उनका लगाव देखते हुए एन. डी. ए. ने उन्हें राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया | फलस्वरूप वह चुनाव में विजयी होकर 2002 में भारत के राष्ट्रपति (President) के रूप में हमारे सामने आये | उन्हें “जनता का राष्ट्रपति (People’s President)” कहकर संबोधित किया जाने लगा |उनके इस कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई सभाएं संबोधित कीं जिनमें उन्होंने भारत के तथा यहाँ रह रहे युवाओं के भविष्य को बेहतर बनाने हेतु बातों पर जोर दिया |
यह तो हम सभी जानते हैं कि A.P.J. Abdul Kalam अपनी निजी ज़िंदगी में एक सरल तथा अनुशासन प्रिय व्यक्ति थे | वे बच्चों से बहुत अधिक स्नेह करते थे, उन्हें हमेशा ऐसी सीख देते थे जो उनके भविष्य को बेहतर बनाने में सहायता करे |
वे राजनीतिक व्यक्ति नहीं थे, किन्तु राजनीति में रहकर वे देश के विकास के बारे में सोचते थे | वे जानते थे कि युवाओं का बेहतर विकास ही देश को आगे लेकर जा सकता है | वे चाहते थे कि परमाणु हथियारों के क्षेत्र में भारत एक बड़ी शक्ति के रूप में जाना जाए |
उनका कहना था कि “2000 वर्षों के इतिहास में भारत पर 600 वर्षों तक अन्य लोगों ने शासन किया है। यदि आप विकास चाहते हैं तो देश में शांति की स्थिति होना आवश्यक है और शांति की स्थापना शक्ति से होती है। इसी कारण प्रक्षेपास्त्रों को विकसित किया गया ताकि देश शक्ति सम्पन्न हो।“
A.P.J. Abdul Kalam का राष्ट्रपति कार्यकाल 2007 में समाप्त हुआ | इसके पश्चात वह कई जगहों पर प्रोफेसर (Professor) के तौर पर कार्यरत रहे जैसे- शिलोंग, अहमदाबाद तथा इंदौर के भारतीय प्रबंधन संस्थानों, व् बैंगलोर के भारतीय विज्ञान संस्थान में |
उसके बाद वह अन्ना विश्वविद्यालय में एयरोस्पेस इंजीनियरिंग (Aerospace Engineering) के प्रोफेसर रहे | A.P.J. Abdul Kalam ने भारत के कई अन्य प्रसिद्ध शैक्षिक संस्थानों में भी अपना योगदान दिया |
Dr. A.P.J. Abdul Kalam ऐसे शख्स थे जो एक ग़रीब परिवार से आये और अपनी मेहनत (Hard Work)और अनुशासन के कारण एक सफल वैज्ञानिक (Scientist), एक लोकप्रिय राष्ट्रपति तथा एक आदर्श प्रोफेसर बन गए |
अगर आप इनके जीवन का गहन अध्ययन करेंगे तो जान पाएंगे कि हालात को जिम्मेदार ठहराते हुए हार मानकर बैठने वाले लोग कभी आगे नहीं बढ़ते | विश्व भर के लोग, बच्चों के प्रति उनके स्नेह, उनकी सरलता तथा विनम्रता की प्रशंसा किया करते हैं | कलाम साहब में सीखने की भूख थी | इतनी विश्व प्रसिद्धि पाने के बाद भी वह बेहद सरल और साधारण इंसान थे |
इनकी एक कहावत है, ” “सबसे उत्तम कार्य क्या होता है? किसी इंसान के दिल को खुश करना, किसी भूखे को खाना देना, ज़रूरतमंद की मदद करना, किसी दुखियारे का दुख हल्का करना और किसी घायल की सेवा करना…” |

 Friends ye artical apko kaisa laga plz comment krke jarur bataye. or aise hi post mai or bhi dalta rahunga.
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Saturday, 14 October 2017

कैसे बनाई Mark Zuckerberg ने Facebook? (Biography in Hindi)

कैसे बनाई Mark Zuckerberg ने Facebook? (Biography in Hindi)

इस पोस्ट में Mark Zuckerberg की biography को Hindi में बहुत बहतरीन तरीके से बताया गया है, मुझे उम्मीद है यह यह पोस्ट आपको बहुत पसंद आएगी।
Social Networking site, Facebook के CO-founder और CEO Mark Zuckerberg आज दुनिया के सबसे बड़े youngest billionaires में से एक है।

शुरुआत

Mark zuckerberg ने social networking facebook को अपने कॉलेज हॉस्टल के कमरे में ही बनाई थी। जैसे ही facebook पर 250 Millions से ज्यादा users बढ़ने शुरू हुए तबसे Mark zuckerberg billionaire बन गये। और इसके साथ ही एक फिल्म “The Social Network” के नाम से Facebook की biography पर बन गई। और आज facebook दुनिया की सबसे ज्यादा उपयोग की जाने वाली social networking साईट है।
Early Life Of Mark Zuckerberg
Mark Zuckerberg का जन्म white plains, New York में 14 मई 1984 को हुआ था। मार्क के पिता Edward Zuckerberg, एक दंत चिकित्सक है और मां, Karen Zuckerberg, एक मनोचिकित्सक है।
प्राथमिक स्कूल में ही Mark का programming में बहुत रूचि रही है। जब Mark लगभग 12 वर्ष एक थे तब उन्होंने Atari BASIC का उपयोग करके messaging program बनाया था जिसका Mark ने “Zucknet” नाम दिया था। Mark ने पिता इस program को अपने दाँतो का कार्यालय में उपयोग करते थे ताकि दन्त रोगी का स्वागत करने वाला (जो दन्त चिकित्सक के कार्यालय के बहार खड़ा होने वाला व्यति) कमरे में आकर चिल्लाए बिना एक नया रोगी की सुचना दे सके।
Mark ने जो Zucknet program बनाया था उसे Mark का पूरा परिवार घर के भीतर बातचीत करने के लिए इस्तेमाल किया था।
फिर उसके बाद Mark ने उनके दोस्त के साथ मिलकर मनोरंजन के लिए कंप्यूटर गेम भी बनया था।
Mark की कंप्यूटर में बढती रूचि को बनाये रखने के लिए, Mark के माता-पिता ने पर्सनल कंप्यूटर के शिक्षक “David Newma” को हर सप्ते में एक बार घर आकर और Mark के साथ काम करने के लिए काम पर रखा।
इतना ही नहीं Mark ने अपने उच्च माध्यमिक स्कूल में एक बुद्धिमान मीडिया MP3 प्लेयर भी बनाया जिससे एक MP3 प्लेयर की लिस्ट बन जाती थी इस लिस्ट में अपने आप यूजर के एक्टिविटी से MP3 लिस्ट वही बनती जो users अबी सुनना चाहता है।
2003 में Mark zuckerberg को गर्मी की शाम FaceMash बनाने का विचार आया। Mark ने हार्वर्ड के डेटाबेस को हैक करने का निर्णय लिया जहां कॉलेज स्टूडेंट अपनी प्रोफाइल फोटो अपलोड भी करते थे। Mark ने जल्द ही एक एसा प्रोग्राम बनाया जो ऑटो 2 फीमेल के इमेज show करता है और उन पर वोटिंग चलाता है कि कौन इन दोनों में से ज्यादा beautiful है. वोटिंग website पर आने वाले लोगो के द्वारा की जाती है यानी website पर आने वाले लोग वोटर्स होते थे.
इस वेबसाइट पर बहुत ही कम समय में बहुत ही ज्यादा लोग/ट्रैफिक आ गये थे। साईट पर ज्यादातर ट्रैफिक हार्वर्ड कॉलेज के छात्र थे। जायदा ट्रैफिक की संख्या बढ़ने पर सर्वर भी क्रेश हो गया था।
इस हादसे के बाद Mark पर हैकिंग करने का इल्जाम लगा ता क्योंकि Mark ने फोटो को डेटाबेस हैक करके ही ली थी और Mark ने जो साईट बनाई थी जहा लडकियों की वोटिंग होई थी यह भी गलत था। तो इसके लिए Mark को कमेटी में बुलाया गया और सब Mark को कोई न कोई सुना ही रहा था, कि यह किया तो गलत है, वो किया तो इस पर आपका इसका इल्जाम लगता है लेकिन कोई भी यह कह नहीं रहा था की Mark ने इतनी मुस्किल काम को इतने कम समय में आसानी से कर दिया है तो Mark की इस बुद्धिमता को उपयोग में लिया जाए।
और फिर अब आता है Mark का सबसे ही बड़ा प्रोजेक्ट, फेसबुक। जिसको पूरी दुनिया उपयोग करती है। Mark ने अपने बाकि प्रग्राम की तरह फेसबुक को भी बहुत कम समय में बना लिया था।
सबसे पहले Mark के पास सोशल नेटवर्क साईट बनाने का आईडिया लेकर दिव्य नरेन्द्र आया था। दिव्य नरेन्द्र ट्विन्स टाइलर और कैमरों विन्क्लेवोस का पार्टर था।
दिव्य नरेन्द्र ने Mark को सोशल साईट बनाने का कहा था जिसका नाम “Harvard Connection” होगा। नरेंद्र और जुड़वाँ विंकलेवोस के साथ एक प्राइवेट मीटिंग के बाद Mark ने इस काम को करने के लिए स्वीकार कर दिया था।
फिर उसी हार्वर्ड कनेक्शन पर काम करने के दौरान ही Mark को खुदकी एक सोशल साईट बनाने का एक बेहतरीन विचार आया।
और अपने इस बहतरीन आईडिया को आगे बढाने को लेकर ही फ़रवरी 2004 में Mark ने thefacebook.com वेबसाइट का डोमेन नाम रेगेस्टर कर लिया था जिसको आज facebook.com के नाम से जाना जाता है।
Mark ने यह काम अपने मित्र Eduardo Saverin के साथ किया था। सुरु में फेसबुक के प्रोजेक्ट पर Eduardo ने ही इन्वेस्ट किया था।
जब फेसबुक पर 4000 ट्रैफिक हो गए तब Mark और उसके पार्टनर eduardo ने कुछ और नए programmers को काम पर लगाया जो website पर अच्छे तरीके से काम करे।
और अब तक mark के 503.6 million shares थे। और अब Zuckerberg कंपनी के वोट का लगभग 60% नियंत्रित करता है, 35% – eduardo Saverin, और 5% बाकि के नए पार्टनर।
2005 से Facebook को पुरे USA के सभी संस्थानों और विश्वविद्यालयो में उपयोग करने योग्य बन गई। Mark एक ही बात को मानते थे वो बस उनकी वेबसाइट Students के लिए है।
Facebook पर बहुत तेज़ी से ट्रैफिक बढ़ने लगे और जैसे ही 50 मिलियंस ट्रैफिक हुए फिर एक बड़ी कंपनी Yahoo! ने Mark से Facebook को खरीदने का ऑफर किया। सबसे पहला ऑफर Yahoo! ने 900 मिलियंस डॉलर फेसबुक के लिए ऑफर किया था। हलाकि यह बहुत बड़ी रकम है लेकिन Mark ने इस ऑफर को पूरा नहीं किया।
इसके साथ ही Facebook बहुत ही आगे बढ़ने लगी और धेरे-धीरे यह पुरे दुनिया के कोने कोने में उपयोग होने लगी। और आज फेसबुक पूरी दुनिया की सबसे बड़ी सोशल साईट है, जिस पर हर इन्टरनेट यूजर अकाउंट बनता/बनती ही है।
और साथ ही आज Mark Zuckerberg पुरे दुनिया के सबसे बड़े Yongest Billionairs मे से एक है।

और फिर Mark ने 19 मई 2012 को अपनी लम्बे समय की प्रेमीका Priscilla Chan, California की रहने वाली से शादी की और आज वो दोनों आपस में बहुत खुश है।
मुझे उम्मीद है आपको यह Mark Zuckerberg की success story in Hindi आपको बहुत पसंद आई होगी।

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